बुधवार, जनवरी 31, 2007

अग्नि पथ

अग्नि पथ, अग्नि पथ, अग्नि पथ !

व्रिक्ष हों भले खड़े,
हों घने,हों बडे़,
एक पत्र-छाँह भी माँग मत, माँग मत,माँग मत!
अग्नि पथ, अग्नि पथ, अग्नि पथ !

तू न थकेगा कभी!
तू न थमेगा कभी!
तू न मुड़ेगा कभी- कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ!
अग्नि पथ, अग्नि पथ, अग्नि पथ !

यह महान द्रश्य है-
चल रहा मनुष्य है
अश्रु-स्वेद-रक्त से लथपथ, लथपथ, लथपथ!
अग्नि पथ, अग्नि पथ, अग्नि पथ !

-हरिवंश राय बच्चन

2 टिप्‍पणियां:

  1. heyyy sudeep i like ur collection a lot man.its really marvolous...
    AAJ K ISS YUG ME JAB english PITR-BHASHA BAN CHUKI HAI TO LOGON NE APNI MATR-BHASHA KO TO BHULA SA DIYA HAI...AAPKE ISS PRAYAASH KA MAI SHRIDAY SWAGAT KRTA HUN..BEHAG UMDA SANGRAH HAI YEH....

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  2. Hi Saransh,

    What you say is the truth and the need of the hour.. but that does not mean we forget wehat we have..
    Ever noticed why you never find a hindi literature book at crosswords or Landmark !!! :)

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